आज मैखाने की तरफ होके आते है एक पैमाना और एक जाम बनाते है

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  • Friday, June 25, 2010
  • आज मैखाने की तरफ होके आते है
    एक पैमाना और एक जाम बनाते है

    गम और ख़ुशी का एक माजरा बनाते है
    आज मैखाने में खूब झूम के गाते है

    चाहत को हकीकत से रु बरु करते है
    आज मैखाने को दिल से सजाते है

    खूब पीते है और खूब पिलाते है
    आज मैखाने से लडखडा के जाते है

    परवाह न खुद की न रह्गुजारी की
    आज मैखाने में खुद ही बिक जाते है

    ........मनीष शुक्ल
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